अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार (08 अप्रैल, 2025) को ईरान के साथ युद्धविराम (सीजफायर) (US Iran ceasefire) की घोषणा की। करीब 40 दिनों तक चले तनाव के बाद दोनों देशों के बीच यह सहमति बनी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया। इससे पहले ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान तय समयसीमा के भीतर युद्धविराम के लिए राज़ी नहीं होता, तो उसके ऊर्जा संयंत्रों और अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह डील पाकिस्तान की मध्यस्थता और आखिरी समय में चीन के दखल के बाद संभव हो पाई। पाकिस्तान ने 2 हफ्ते के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने स्वीकार कर लिया।
समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकेंगे। ईरान भी हमले बंद करेगा। इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट से तेल, गैस और अन्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ईरानी सेना की मदद से सुनिश्चित की जाएगी।
अमेरिका-ईरान सीजफायर के बड़े अपडेट्स
- ट्रंप ने ईरान के 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को “व्यावहारिक” बताया और कहा कि अमेरिका अब ईरान के पावर प्लांट, पुलों और अन्य अहम ढांचों पर हमले से परहेज करेगा। दोनों देशों के बीच 10 अप्रैल को Islamabad में उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है।
- कूटनीतिक प्रयासों में तेजी के बावजूद जमीनी हालात पूरी तरह स्थिर नहीं हैं। ईरान ने समझौता स्वीकार कर लिया है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में हमलों का खतरा बरकरार है। इस बीच Israeli Defense Forces की ओर से हमले जारी रहने की खबरें हैं।
- ट्रंप ने घोषणा करते हुए कहा कि वे ईरान पर भेजे जा रहे सैन्य अभियान को रोक रहे हैं। साथ ही उन्होंने शर्त रखी कि यदि ईरान Strait of Hormuz को सुरक्षित और पूरी तरह खोलता है, तो अमेरिका दो सप्ताह तक सैन्य कार्रवाई निलंबित करेगा।
- ईरान ने जवाब में कहा कि यदि उस पर हमले बंद होते हैं, तो उसकी सशस्त्र सेनाएं भी अपने रक्षात्मक अभियान रोक देंगी। साथ ही उसने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव और अपनी 10 सूत्रीय योजना को वार्ता के आधार के रूप में स्वीकार करने पर विचार करने की बात कही।
- तेहरान के अनुसार, तकनीकी और समन्वय संबंधी सीमाओं के बावजूद दो सप्ताह की अवधि में होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही संभव बनाई जाएगी।
- ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इसे अपनी कूटनीतिक जीत बताया और दावा किया कि अमेरिका ने उसकी शर्तें मान ली हैं। वहीं व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिकी दबाव के कारण ही ईरान जलमार्ग खोलने पर सहमत हुआ।
- व्हाइट हाउस अधिकारियों के अनुसार, इज़राइल भी हमले रोकने पर सहमत हो गया है, हालांकि इज़रायली सैन्य सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई अभी जारी है और आधिकारिक बयान का इंतजार है।
- युद्धविराम की घोषणा के बावजूद Saudi Arabia, Bahrain और Kuwait समेत खाड़ी देशों में मिसाइल अलर्ट जारी है।

- ईरान की दीर्घकालिक योजना में Oman के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर कर लगाने का प्रस्ताव शामिल है। इस राजस्व का उपयोग पुनर्निर्माण में किया जाएगा। साथ ही ईरान ने अमेरिकी सैनिकों की क्षेत्र से वापसी, प्रतिबंध हटाने और जब्त संपत्तियों की बहाली की मांग रखी है।
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इसमें लेबनान में Hezbollah और इज़राइल के बीच संघर्ष विराम की भी अपील शामिल है। उन्होंने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को इस्लामाबाद में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है और स्थायी शांति की उम्मीद जताई है।
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