नाशिक स्थित TCS BPO यूनिट से जुड़ा एक गंभीर यौन उत्पीड़न और कार्यस्थल दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है, जिसने पूरे कॉर्पोरेट सेक्टर को हिला दिया है। इस केस में HR मैनेजर निदा खान की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोप है कि कर्मचारियों द्वारा बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। मामले की जांच अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है, और पुलिस को शक है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि सिस्टम की बड़ी विफलता हो सकती है।
निदा खान कौन हैं? (Who is Nida Khan?)
HR मैनेजर निदा खान कंपनी की आंतरिक शिकायत समिति (Internal Committee) का हिस्सा थीं, जो POSH (Prevention of Sexual Harassment) एक्ट के तहत काम करती है। लेकिन उन पर आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों द्वारा यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार की कई शिकायतों के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया।
उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, निदा खान ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (SPPU) से पढ़ाई की है। वह TCS के नाशिक ऑफिस में HR मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं, जहां उनकी जिम्मेदारी कर्मचारियों की शिकायतों को संभालना और कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
निदा खान पर आपराधिक धमकी देने और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही जबरदस्ती और दबाव बनाने से जुड़े आरोपों की भी जांच चल रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि नाशिक के मुंबई नाका स्थित ऑफिस में कुछ मामलों में हिंदू महिला कर्मचारियों को कथित तौर पर प्रेम संबंधों में फंसाकर धर्म परिवर्तन और शोषण का शिकार बनाया गया। पुलिस इस एंगल से भी मामले की गहराई से जांच कर रही है।
पूरा मामला क्या है? (What is the case all about?)
यह मामला तब सामने आया जब एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी पर शादी का झूठा वादा करके संबंध बनाने का आरोप लगाया। इसके बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो कई और महिलाएं सामने आईं और उन्होंने भी अपने सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।
यह घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की बताई जा रही हैं। आरोपों में कार्यस्थल पर जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिशें भी शामिल हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ अनुचित तरीके से छेड़छाड़ की गई, निजी जीवन और शरीर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, बॉडी शेमिंग की गई, जबरदस्ती नॉन-वेज खाना खिलाया गया और उनका पीछा किया गया।

नाशिक पुलिस ने एक आरोपी को अंडरकवर ऑपरेशन के दौरान रंगे हाथों पकड़ा। इस ऑपरेशन में सात महिला पुलिसकर्मियों ने भेष बदलकर TCS ऑफिस में प्रवेश किया था। आरोपी को महिलाओं के साथ बदसलूकी करते हुए पकड़ा गया। पुलिस अब 40 से ज्यादा CCTV फुटेज की जांच कर रही है ताकि सभी आरोपियों के खिलाफ मजबूत सबूत जुटाए जा सकें। अब तक इस मामले में 9 केस दर्ज किए जा चुके हैं और 7 आरोपियों की पहचान हो चुकी है। इनमें से 6 आरोपी नाशिक रोड सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार, अब तक मामले में 9 FIR दर्ज की गई हैं। और इस मामले के संबंध में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं। आरोपियों में शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, आसिफ अंसारी और दानिश शेख शामिल हैं। उन्हें अदालत में पेश किया गया और पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक की देखरेख में, इस मामले की जांच ACP क्राइम संदीप मितके के नेतृत्व वाली एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि इन आरोपों में यौन अपराध और काम की जगह पर धार्मिक दबाव बनाने के दावे, दोनों शामिल हैं।
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