पीटीआई भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने सौंपा ज्ञापन

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– 5000 पद करने की उठी मांग, लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को राहत देने की अपील
हनुमानगढ़। 
शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) भर्ती 2026 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने मंगलवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थी नेता महेंद्र शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और पीटीआई भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाकर 5000 किए जाने की मांग उठाई।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2018 में पीटीआई के 4500 पदों पर भर्ती निकाली गई थी, जिसमें लगभग 25 हजार अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। इसके बाद वर्ष 2022 में करीब 5500 पदों पर भर्ती आयोजित हुई, जिसमें 55,235 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। अभ्यर्थियों ने बताया कि उस भर्ती में लगभग 800 पद रिक्त रह गए थे, जिन्हें अब तक शामिल नहीं किया गया है।
विद्यार्थियों का कहना है कि वर्ष 2026 में करीब चार वर्ष बाद नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन इसमें केवल लगभग 1000 पद ही स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2022 में रिक्त रहे पदों को भी नई भर्ती में शामिल नहीं किया गया है। वहीं इस बार परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या पूर्व भर्तियों की तुलना में लगभग ढाई गुना अधिक रहने की संभावना है।
अभ्यार्थी सतवीर स्वामी ने कहा कि प्रदेशभर में हजारों युवा पिछले कई वर्षों से पीटीआई भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। सीमित पदों के कारण योग्य अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल पाएगा। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए पदों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि करे तथा भर्ती को अधिक रोजगारोन्मुख बनाया जाए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि खेल और शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विद्यालयों में प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षकों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अधिक पद सृजित कर भर्ती प्रक्रिया को व्यापक बनाया जाना चाहिए।
इस दौरान उपस्थित सतवीर स्वामी. रोबिन .जयन्त. भीम राज .मुकेश  रोहिताश हुडा, निहारिका पूजा मीनाक्षी रेनू मोनिका सहित अन्य अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से मांग की कि पीटीआई भर्ती 2026 में पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 5000 की जाए, ताकि वर्षों से तैयारी कर रहे युवाओं को न्याय मिल सके और विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती प्रदान की जा सके।

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