निजीकरण बंद करो के नारों से गूंजा डिस्कॉम कार्यालय, प्रदेश नेतृत्व की बैठक में उग्र आंदोलन का ऐलान

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-हनुमानगढ़ में संयुक्त संघर्ष समिति की अहम बैठक, 30 अप्रैल को जोधपुर मुख्यालय घेराव का निर्णय
हनुमानगढ़।
 बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन अब और तेज होता नजर आ रहा है। दो दिन पूर्व सतीपुरा में हुए धरना-प्रदर्शन और रोष मार्च के बाद शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय, जोधपुर डिस्कॉम हनुमानगढ़ के मीटिंग हॉल में प्रदेश डिस्कॉम नेतृत्व की मौजूदगी में जोधपुर विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान “निजीकरण बंद करो, बंद करो” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
बैठक में प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति में विद्युत विभाग का निजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी एकजुट हैं और यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो 30 अप्रैल को जोधपुर डिस्कॉम मुख्यालय पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि आम जनता के हितों की रक्षा के लिए भी है।
प्रदेश उपाध्यक्ष रामप्रकाश जाट (RVTKA) ने अपने संबोधन में कहा कि निजीकरण से कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है और इससे आम उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का बोझ उठाना पड़ेगा। वहीं बीएमएस के अध्यक्ष डॉ. करण सिंह राजपुरोहित ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि निजीकरण जैसी नीतियों को थोपना चाहिए।

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