– 31 जून तक कार्रवाई नहीं हुई तो 1 जुलाई से बड़े आंदोलन की चेतावनी, मुख्य अभियंता को सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़। जल उपयोक्ता संगम यूनियन नोहर के पदाधिकारियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के काश्तकारों ने रविवार को सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपकर नोहर फीडर नहर में हिसार ड्रेनेज का गंदा पानी डालने की प्रस्तावित व्यवस्था का कड़ा विरोध जताया। किसानों ने मांग की कि हरियाणा सरकार द्वारा ड्रेनेज का पानी नहर में डालने के लिए बनाए जा रहे स्ट्रक्चर को तत्काल प्रभाव से बंद करवाया जाए तथा इस संबंध में शीघ्र ठोस कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पंचायत समिति के निवर्तमान प्रधान सोहन ढिल ने कहा कि हिसार ड्रेनेज का गंदा पानी नोहर फीडर में छोड़े जाने से क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था, कृषि भूमि तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि ड्रेनेज के पानी की निकासी आवश्यक है तो इसके लिए नोहर फीडर नहर के समानांतर अलग से सेम नाला बनाकर हिसार घग्घर ड्रेनेज का पानी निकाला जाए, ताकि नहर का स्वच्छ पानी दूषित न हो और किसानों के हित सुरक्षित रह सकें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में ड्रेनेज का पानी नोहर फीडर नहर में नहीं डालने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 31 जून तक इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो 1 जुलाई से किसान बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन एवं संबंधित विभाग की होगी।
जल उपयोक्ता संगम यूनियन नोहर के अध्यक्ष गुरमेल सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रहे हैं और उनके अनुसार किसी भी कीमत पर नोहर फीडर में ड्रेनेज का पानी नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्व विधायक इस मामले में उच्च स्तर पर अधिकारियों के संपर्क में हैं और किसानों के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
गुरमेल सिंह ने यह भी मांग की कि क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त एवं स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि खेती प्रभावित न हो। ज्ञापन के दौरान महावीर सिंह, सवाई सिंह, इंद्राज, कृष्ण गोदारा, प्रेम, जगदीश कड़वासरा, रमेश, सोहन ढील, जयप्रकाश पुनिया, ओम सिंधल, स्वर्ण सिंह, हंसराज, रमेश, जयदेव प्रसाद, रमेश कुमार, शिव कुमार, सुरेन्द्र, ओम सिंह, गुरमेल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान एवं यूनियन के सदस्य उपस्थित रहे।
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