सुदामा-कृष्ण की मित्रता का भावपूर्ण प्रसंग सुन श्रद्धालुओं की आंखें हुईं नम

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– हवन-यज्ञ व पूर्णाहुति के साथ श्रीमद्भागवत कथा का हुआ समापन, क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना
हनुमानगढ़। 
जंक्शन स्थित जाट भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-यज्ञ एवं पूर्णाहुति के साथ श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में समापन हो गया। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान कथा पंडाल भक्तों से खचाखच भरा रहा और भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
समापन अवसर पर आयोजित हवन-यज्ञ में पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप, भाजपा नेता अमित चौधरी, हरीश सहू, सुरेंद्र बलाड़िया, ओम सोनी, साहिल बलाड़िया, दीपक खाती सहित अन्य मुख्य यजमानों ने विधि-विधान के साथ पूर्णाहुति अर्पित की। वैदिक ऋचाओं और मंत्रोच्चार के बीच सभी ने प्रदेश एवं क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की प्रार्थना की।
समापन दिवस पर कथा व्यास आचार्य दयानंद शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा की अमर मित्रता का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता निस्वार्थ प्रेम, विश्वास, समर्पण और आत्मीयता का अनुपम उदाहरण है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने निर्धन मित्र का जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ स्वागत किया, वह यह संदेश देता है कि ईश्वर के दरबार में धन-दौलत का नहीं, बल्कि सच्ची भावना और प्रेम का महत्व होता है। कथा सुनकर अनेक श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
आचार्य दयानंद शास्त्री ने अपने अंतिम प्रवचन में श्रीमद्भागवत महापुराण के सार का भी विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत मानव जीवन को धर्म, भक्ति, सत्य, सेवा, करुणा और सदाचार का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ग्रंथ है। इसके नियमित श्रवण और मनन से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा जीवन में आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के पापों का क्षय होता है, मन को शांति मिलती है और ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य ज्ञान है।
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया और धार्मिक आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। आयोजन समिति ने कथा के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, यजमानों, सहयोगकर्ताओं एवं सेवाभाव से जुड़े कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

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