काला दिवस मनाकर पेंशनर्स ने जताया विरोध

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-वित्त मंत्रालय की अधिसूचना वापस लेने की मांग, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़। राजस्थान पेंशनर समाज जिला शाखा हनुमानगढ़ द्वारा पेंशनर्स के हितों को प्रभावित करने वाले कथित “वैधता अधिनियम 2025” के विरोध में बुधवार को काला दिवस मनाया गया। इस दौरान पेंशनर्स ने एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिला शाखा अध्यक्ष अशोक कुमार खत्री के नेतृत्व में पेंशनर्स कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ज्ञापन में बताया गया कि वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 29 मार्च 2025 को जारी अधिसूचना के माध्यम से ऐसा प्रावधान लागू किया गया है, जो केंद्र सरकार को पेंशनर्स का वर्गीकरण करने और उनके बीच अंतर बनाए रखने का अधिकार देता है। यह अधिनियम 25 मार्च 2025 को लोकसभा में वित्त विधेयक के हिस्से के रूप में पारित किया गया था।
पेंशनर्स का आरोप है कि यदि इस अधिनियम को पूर्ण रूप से लागू किया गया तो सेवानिवृत्ति की तिथि के आधार पर पेंशनर्स के बीच भेदभाव बढ़ेगा। इससे वे पेंशनभोगी, जो किसी वेतन आयोग के गठन से पहले सेवानिवृत्त हुए हैं, आगामी वेतन आयोगों की सिफारिशों के लाभ से वंचित हो सकते हैं। इससे मौजूदा पेंशनर्स को आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ेगा, खासकर महंगाई के इस दौर में।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यह प्रावधान सामाजिक न्याय और सामाजिक सुरक्षा के सिद्धांतों के विपरीत है। पेंशनर्स ने सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक “डी.एस. नाकरा बनाम भारत संघ” मामले का हवाला देते हुए कहा कि न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि पेंशन कोई अनुग्रह नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा का अधिकार है, जो कर्मचारियों को उनके सेवा काल के योगदान के बदले मिलता है।

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