बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के 555 वें जन्मदिवस पर तीन दिवसीय समागम का आयोजन

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-कीर्तन, आतिशबाजी और लंगर सेवा से गुंजा खंडा साहिब चौक, संगत ने किया श्रद्धापूर्वक स्मरण
हनुमानगढ़।
 टाउन स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर खंडा साहिब चौक में सिख इतिहास के वीर योद्धा और खालसा पंथ के महान सेनानी बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के 555वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय धार्मिक समागम बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर की संगत ने एकत्र होकर गुरबाणी कीर्तन, आतिशबाजी और लंगर सेवा के माध्यम से इस पावन दिवस को समर्पित भावना से मनाया।
समागम की शुरुआत शहीद बाबा सुखा सिंह-बाबा मेहताब सिंह गुरुद्वारा के हेड रागी जत्थे द्वारा मधुर शब्द कीर्तन से हुई। उन्होंने “वाहेगुरु” के नाम का सिमरन करते हुए संगत को निहाल किया। रागी जत्थे की गायन सेवा से पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति से भर उठा। संगत ने निहाल होकर “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारे लगाए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बाबा बंदा सिंह बहादुर जी की वीरता, निस्वार्थ सेवा भावना और धर्म रक्षा के लिए किए गए बलिदानों को याद किया। उन्होंने बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर ने न केवल अत्याचार के खिलाफ संघर्ष किया, बल्कि कमजोरों और किसानों को न्याय दिलाने के लिए प्रथम सिख राज्य की स्थापना की। उनके नेतृत्व में सिख समुदाय ने अदम्य साहस और आत्मबल का परिचय दिया।
समागम के दौरान संगत को बाबा बंदा सिंह बहादुर जी की जीवनी और उनके जीवन के प्रेरणादायक प्रसंगों का विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया। अरदास के पश्चात सुंदर आतिशबाजी का आयोजन किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इसके उपरांत गुरु का लंगर सेवा के रूप में चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

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