-चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने व्यावसायिक नैतिकता, ऑडिटिंग मानकों और नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त की
हनुमानगढ़। दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की हनुमानगढ़ शाखा द्वारा बुधवार को “कोड ऑफ एथिक्स, स्टैंडर्ड ऑन ऑडिटिंग एवं डिजिटल टेक्नोलॉजी” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को बदलते व्यावसायिक परिवेश, ऑडिटिंग मानकों और डिजिटल तकनीकों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जोधपुर से पधारे रीजनल काउंसिल मेंबर सीए धवल कोठारी रहे। उन्होंने अपने संबोधन में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए व्यावसायिक नैतिकता (कोड ऑफ एथिक्स) के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में पेशेवर ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों का पालन करना प्रत्येक चार्टर्ड अकाउंटेंट की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने ऑडिटिंग के बदलते मानकों, नियामकीय आवश्यकताओं तथा गुणवत्ता पूर्ण ऑडिट प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।
सेमिनार के दूसरे तकनीकी सत्र में डिजिटल तकनीक विषय पर मुख्य वक्ता मोहिबुर रहमान ने प्रतिभागियों को आधुनिक डिजिटल युग में उभरती तकनीकों के उपयोग और उनके व्यावसायिक महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और क्लाउड आधारित तकनीकें अकाउंटिंग एवं ऑडिटिंग क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रही हैं। इन तकनीकों को अपनाकर कार्य की गुणवत्ता और दक्षता को बढ़ाया जा सकता है।
कार्यक्रम में हनुमानगढ़ शाखा के अध्यक्ष सीए हर्ष जिंदल, उपाध्यक्ष सीए रमेश कुमार, सचिव सीए कमल जैन, कोषाध्यक्ष सीए रमन गर्ग, सीकासा चेयरमैन सीए यश संदीप मित्तल तथा कार्यकारिणी सदस्य एवं निवर्तमान अध्यक्ष सीए ललित कुमार सहित शाखा के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
सेमिनार के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने भाग लिया और तकनीकी सत्रों में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अपने पेशेवर ज्ञान को अद्यतन किया। अंत में शाखा पदाधिकारियों ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन का संकल्प व्यक्त किया।
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