-लंबित पदोन्नतियों व 11 सूत्री मांगों को लेकर सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
हनुमानगढ़। राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष राजेन्द्र गोदारा के नेतृत्व में एकत्रित हुए ग्राम विकास अधिकारियों ने “पदोन्नति नहीं तो काम नहीं” के नारे के साथ सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया और मुख्यमंत्री सहित पंचायती राज विभाग के मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में संघ ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग की पदोन्नतियां पिछले छह वर्षों से लंबित हैं। इसके साथ ही कैडर स्ट्रेंथन और 11 सूत्री मांग पत्र पर भी बार-बार ध्यानाकर्षण के बावजूद विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस लगातार हो रही उपेक्षा के चलते संगठन को विवश होकर पुनः आंदोलन शुरू करना पड़ रहा है।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि “पदोन्नति नहीं तो काम नहीं” आंदोलन पहले 8 मई 2025 को शुरू किया जाना था, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। अब एक बार फिर इस आंदोलन को प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर मांगों पर सकारात्मक और प्रभावी निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि ग्राम विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, अतिरिक्त विकास अधिकारी एवं विकास अधिकारी पदों पर छह वर्षों से लंबित पदोन्नतियां शीघ्र की जाएं। इसके अलावा बजट घोषणा संख्या 97 (2) के अनुरूप तथा पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन के आधार पर कैडर स्ट्रेंथन किया जाए। संघ ने 11 सूत्री मांग पत्र की सभी मांगों के शीघ्र निस्तारण की भी मांग उठाई।
आंदोलन की रूपरेखा भी ज्ञापन के साथ प्रस्तुत की गई है। इसके तहत 23 मार्च 2026 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और ज्ञापन दिया गया। इसके बाद 8 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री आवास पर ध्यानाकर्षण के लिए घेराव किया जाएगा। वहीं 9 अप्रैल 2026 को सिविल लाइंस में महापड़ाव आयोजित किया जाएगा।
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