राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अवैध गारनेट खनन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गारनेट माफिया और पुलिस के कथित गठजोड़ की बात सामने आने के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी माधव उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से एपीओ (Awaiting Posting Order) कर दिया है।
संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के बाद पूरे मामले की जांच अब अजमेर जीआरपी के एसपी नरेंद्र सिंह को सौंपी गई है, जो सतर्कता स्तर पर इसकी पड़ताल करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा के कोटड़ी इलाके में गारनेट जैसे कीमती पत्थर के अवैध खनन और परिवहन का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। आरोप है कि इस अवैध कारोबार को संरक्षण देने के बदले कारोबारियों से मोटी रकम वसूली जा रही थी।
इस मामले में पुलिस अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए, जिनमें आईपीएस माधव उपाध्याय का नाम भी सामने आया।
ये भी पढ़ें: UP के किसानों के लिए गुडन्यूज, सरकार खरीदेगी किसानों से सीधे भूसा, जानिए इसके बारें सबकुछ
अजय पांचाल से पूछताछ में खुलासे
मुख्य आरोपी अजय पांचाल की गिरफ्तारी के बाद मामले ने नया मोड़ लिया। उसके मोबाइल फोन से कुछ व्हाट्सएप चैट और लेन-देन से जुड़े इनपुट सामने आए हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, अजय पांचाल पुलिस को जानकारी देता था और उन्हीं इनपुट्स के आधार पर कार्रवाई की जाती थी। अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस प्रक्रिया के जरिए पैसे की वसूली भी की जा रही थी।
डीजीपी ने दिए विजिलेंस जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। अजमेर जीआरपी एसपी नरेंद्र सिंह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच में चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल सबूतों को खंगाला जा रहा है।

आईपीएस माधव की सफाई
वहीं, आईपीएस माधव उपाध्याय ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि अजय पांचाल से उनकी मुलाकात केवल एक केस के सिलसिले में एसपी ऑफिस में हुई थी, जहां उसने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की थी। उन्होंने साफ कहा कि उनका इस पूरे मामले में कोई गलत रोल नहीं है और चैट से जुड़ी बातें भ्रामक हैं।
विधायक के साथ आया था आरोपी
इस मामले में एसपी धर्मेंद्र सिंह ने भी जानकारी दी कि अजय पांचाल कुछ समय पहले जहाजपुर विधायक गोपी मीणा के साथ एसपी ऑफिस आया था। उस दौरान जनसमस्याओं पर चर्चा हुई थी और उसी समय आईपीएस माधव उपाध्याय भी वहां मौजूद थे।
जांच के घेरे में अन्य लोग
फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश कर रही हैं। कुछ अन्य लोगों और पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदेह के दायरे में बताई जा रही है। जिन पुलिसकर्मियों के वीडियो या अन्य सबूत सामने आए हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
चैनल को सब्सक्राइब करें
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।



































